सिप्री (sipri) ने इस रिपोर्ट में बताया है कि कोरोना महामारी में मंदी के बावजूद दुनिया में हथियारों की बिक्री रुकी नहीं बल्कि उसमें वृद्धि हुई है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि सन 2020 में जब कोरोना अपने चरम पर था और बहुत से व्यापार इससे प्रभावित हुए, हथियारों की बिक्री में कोई भी फर्क़ नहीं पड़ा।
हथियारों की बिक्री में सबसे ऊपर अमरीकी हथियार निर्माण करने वाली कंपनियां रहीं। सिप्री की रिपोर्ट के अनुसार अब भी अमरीकी कंपनियां ही इस लिस्ट में सर्वोपरि हैं।
हथियारों को बेचने में अमरीका के बाद दूसरे नंबर पर चीन रहा। हथियारों की कंपनियों ने एक साल के दौरान 531 अरब डालर के हथियार बेचे। इन कंपनियों ने पिछले वर्ष की तुलना में 1 दश्मलव 3 प्रतिशत अधिक हथियार बेचे।
यूरोप की हथियार बनाने वाली कंपनियां इस मामले में अमरीका और चीन के बाद तीसने नंबर पर रहीं। वहां की 26 कंपनियों ने बेचे गए हथियारों का 21 प्रतिशत व्यापार करके स्वयं को तीसरे स्थान पर पहुंचाया।
इस मामले में इस बार रूस को थोड़ी शर्म उठानी पड़ी। उसके हथियारों की बिक्री 6 दश्मलव 5 प्रतिशत कम रही। इस प्रकार से रूस को हथियार बेचकर केवल 24.6 अरब डालर हाथ लगे।